मोबाइल आई केयर यूनिट
परियोजना। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।

इसकी आवश्यकता क्यों है?
दृष्टिहीनता आज भी देशभर में एक बड़ी समस्या है। भारत में लगभग 1.2 करोड़ लोग पूरी तरह दृष्टिहीन हैं और लगभग 80 लाख लोग एक आँख से दृष्टिहीन हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 3.6 करोड़ लोगों की दृष्टि कमजोर है, जिसे सामान्य उपचार के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
मोतियाबिंद दृष्टिहीनता का सबसे सामान्य कारण है और इसके लगभग 62.6% मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद बिना सुधार के रह जाने वाले अपवर्तक दोष 19.7%, बच्चों में दृष्टिहीनता 5%, ग्लूकोमा 5.8% और पोस्टेरियर सेगमेंट से जुड़ी समस्याएँ 4.7% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी चिकित्सा सुविधाओं की कमी है। इन क्षेत्रों में नेत्र विशेषज्ञ बहुत कम उपलब्ध हैं। आँखों से जुड़ी अधिकांश समस्याओं का समाधान साधारण चश्मा उपलब्ध कराकर किया जा सकता है।
मोबाइल ऑप्थैल्मोलॉजी यूनिट और टेलीमेडिसिन के माध्यम से हम ग्रामीण आबादी के लिए नेत्र-देखभाल सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। मरीजों की आँखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की जाँच की जाएगी और आवश्यक उपचार दिया जाएगा। अपवर्तक दोष से पीड़ित मरीजों का तुरंत उपचार किया जाएगा और मोतियाबिंद के मरीजों को उपयुक्त अस्पतालों में भेजा जाएगा। इस यूनिट का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन की संख्या बढ़ाना है।
परियोजना के लक्ष्य और अपेक्षित परिणाम
नेत्र-जाँच
ग्रामीण क्षेत्रों में आँखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूकता पैदा करना और लोगों को नेत्र-जाँच कराने के लिए प्रेरित करना। हम दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में जाँच शिविर आयोजित कर रहे हैं।
अपवर्तक दोष
जाँच के दौरान जिन मरीजों में अपवर्तक दोष पाए जाएँगे, उन्हें चश्मा निर्धारित किया जाएगा। कम कीमत वाले चश्मे मोबाइल यूनिट में ही उपलब्ध कराए जाएँगे, जिससे मरीजों को समय पर चश्मा मिल सके और उपचार में देरी न हो।
मोतियाबिंद के मामले
जिन मरीजों में मोतियाबिंद पाया जाएगा, उन्हें सर्जरी के लिए समझाया जाएगा और सरकारी या धर्मार्थ अस्पताल से जुड़े आधार अस्पताल में भेजा जाएगा। आधार अस्पताल के सहयोग से हमारी टीम ऑपरेशन का समय तय करेगी। इससे मोतियाबिंद की सर्जरी में होने वाली देरी कम होगी।
आँखों से जुड़ी अन्य बीमारियाँ
विभिन्न नेत्र विशेषज्ञों के साथ टेलीमेडिसिन परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मोबाइल यूनिट से प्राप्त आवश्यक जानकारी हमारी टीम एकत्र करेगी और विशेषज्ञ को भेजेगी। विशेषज्ञ मरीज को आगे की जाँच और उपचार के लिए आवश्यक सलाह देगा।
नेत्र एवं अंगदान जागरूकता
चयनित स्थानों पर नेत्रदान और अंगदान से जुड़ी विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करना, ताकि ग्रामीण भारत में जनजागृति बढ़ाई जा सके।
जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देना
इस मोबाइल यूनिट के माध्यम से जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उनके उपयोग को प्रोत्साहित करना।















